आखिरकार ‘पठार संघर्ष समिति’ की रंग लाई मेहनत




तिरोडी से ईतवारी ट्रेन को मिली हरी झंडी
✍🏻पठार क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को शासन-प्रशासन के सामने लगातार उजागर करने वाली 'पठार संघर्ष समिति' की मेहनत आज पुन: रंग लाई।विगत दो माह के अथक प्रयासों के बाद अंततः रेल प्रशासन द्वारा तिरोडी से ईतवारी (नागपुर) लोकल ट्रेन का कोरोना काल के दो वर्षों के उपरांत पुनः 17 अक्टूबर से परिचालन करने का आदेश प्रदान किया गया,जो आम जनता,व्यापारी बंधुओं और समस्त पठार वासियों के लिए जबरदस्त उपलब्धि है।
✍🏻मालुम हो की जबसे कोरोना की भयावह स्थिति सामने आयी तबसे उक्त लोकल ट्रेन के उपर भी ग्रहण सा लग गया, जिससे आवागमन एंव व्यापार पुर्णत: प्रभावित हो गया, लोगों का महाराष्ट्र राज्य से मानो संपर्क तुट गया,कई लोग आज भी इस दर्द की मार झेल रहे हैं,लेकिन वर्तमान समय में परिस्थितियां सामान्य थीं तो रेल प्रशासन को तिरोडी से ईतवारी (नागपुर) ट्रेन को पुनः चालू करने मे क्या दिक्कत थी? अतः समस्त जनता की मांग को देखते हुए "पठार संघर्ष समिति" द्वारा उक्त लोकल ट्रेन को पुनः समयानुसार परिचालन करवाने का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया।ट्रेन चालू नही हुई तो महकेपार रेल्वे स्टेशन पर "रेल रोको आंदोलन" की चेतावनी भी रेल प्रशासन को दी गई थी।
DRM नागपुर को 2 बार सौंपा गया था ज्ञापन
लिखित आश्वासन देना से मना किया
✍🏻”पठार संघर्ष समिति” के द्वारा विगत 29 अगस्त को पहली बार विभागीय रेल प्रबंधक(DRM)नागपुर को ट्रेन का पुनः परिचालन किये हेतु ज्ञापन सौंपा गया था वरना “रेल रोको आंदोलन” की चेतावनी दी गई थी, उसी के मद्देनजर रेल प्रशासन नागपुर द्वारा “पठार संघर्ष समिति” के पदाधिकारियों से पुनः DRM से मुलाकात हेतु निवेदन किया गया,अतः दिनांक 9 सितंबर 2022 को पुनः DRM नागपुर से मुलाकात कर तिरोडी से ईतवारी(नागपुर) ट्रेन पुन: चालू करवाने के संबंध में लिखित ज्ञापन सौंपा गया,जिसमें 15 दिनों के भितर ट्रेन सुरु नही होने पर तकरिबन 5 से 6 हजार लोगों के साथ महकेपार रेल्वे स्टेशन पर “रेल रोको आंदोलन” की चेतावनी दी गई थी!उसी के मद्देनजर DRM नागपुर द्वारा 15 दिनों के भितर उक्त लोकल ट्रेन को चालू करवाने का मौखिक आश्वासन देते हुए लिखित मे देने से मना कर दिया।
आंदोलन की चेतावनी से रेल प्रशासन हरकत में
✍🏻लगातार टीव्ही चैनलों एंव अखबारों मे प्रकाशित “रेल रोको आंदोलन” की चेतावनी से रेल प्रशासन हरकत मे आ गया था,जिससे रेल सुरक्षा बल के जिम्मेदार अधिकारी पठार संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से संपर्क बनाये हुये थे,उनके द्वारा ट्रेन नही रोकने का बार बार निवेदन भी किया गया, लेकिन पठार संघर्ष समिति के संयोजक दिपक पुष्पतोडे ने कहा की रेल प्रशासन हमारी पुर्ववत समय वाली ट्रेन को यदी पुनः सुरु करती हैं तो हमे आंदोलन करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है,
7 वर्ष पहले भी हुआ था रेल रोको आंदोलन
✍🏻विगत 7 वर्ष पुर्व मे भी पठार संघर्ष समिति के द्वारा तकरिबन दो हजार लोगों को लेकर रेल्वे क्रासिंग मे नहर का पुलिया बनाने की मांग को महकेपार रेल्वे स्टेशन पर “रेल रोको आंदोलन” किया गया था, जिसमे 3 घंटे ट्रेन रोकी गई थी,जो की सिर्फ 5 गांव का मुद्दा था लेकिन वर्तमान समय मे ट्रेन चालू करवाने का मुद्दा तो सैकड़ों गावों का, जिसमें तकरिबन 5 से 6 हजार लोग उपस्थित होने का अनुमान था।
आंदोलन से पहले ही मांग पुरी होने पर आंदोलन हुआ स्थगित
पठार क्षेत्र की जनता में खुशी की लहर
✍🏻ट्रेन का परिचालन नही किये जाने के ऐवज मे दिनांक 16 अक्टूबर 2022 को हजारों लोगों के साथ “रेल रोको आंदोलन” किया जाना था, लेकिन रेल प्रशासन ने विपरीत परिस्थितियां और माहौल को देखते हुए आनन-फानन मे 17 अक्टूबर 2022 से तिरोडी से ईतवारी(नागपुर) ट्रेन को पुर्व समयानुसार पुनः चालू करने का निर्णय लिया गया ,जिससे समस्त पठार क्षेत्र वासियों मे खुशी की लहर दौड़ रही है और “पठार संघर्ष समिति” का आभार प्रकट किया है।




