बोधिसत्व अनागरिक धम्मपाल जी की 159 वीं जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाएंगे ।



मा.श्री.रामलाल रगेर (पत्रकार) झालावाड(राजस्थान)
राजस्थान बौद्ध महासंघ कोटा संभाग की बैठक संपन्न।
कोटा दिनांक 11/9/2022 रविवार को प्रातः 10:30 बजे धम्म ज्योति बुद्ध विहार, खेड़ली फाटक, कोटा में राजस्थान बौद्ध महासंघ ,कोटा संभाग की विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राजस्थान बौद्ध महासंघ जयपुर के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर एच .एन. बौद्ध ने की। बैठक का शुभारंभ भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पण से हुआ। डा.एच.एन .बोद्ध ने उपस्थित उपासक उपासिकाओं को त्रिशरण पंचशील ग्रहण करवाएं और त्रिरत्नों की वंदना की। संभागीय अध्यक्ष के. एल .बौद्ध ने अतिथियों व कार्यकारिणी सदस्यों का पंचशील दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया । संभागीय महासचिव घनश्याम बोद्ध ने बैठक का संचालन किया।
संभागीय अध्यक्ष के. एल. बौद्ध ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि आगामी 17 सितंबर 2022 को बोधिसत्व भिक्षु अनागरिक धम्मपाल जी की 159 वीं जयंती राजस्थान बौद्ध महासंघ कोटा संभाग व कोटा जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में देवदह बुद्ध विहार ,गोविंद नगर ,कोटा में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगी । उन्होंने बताया कि बोधिसत्व अनागारिक धम्मपाल जी द्वारा भारत में किए गए बौद्ध धर्म के उत्थान वह प्राचीन बुद्ध विहारों के सरंक्षण के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता उन्होंने अपना पूरा जीवन बोद्धगया , सारनाथ , लुंबिनी व कुशीनगर के विहारों के उत्थान में न्योछावर कर दिया।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉक्टर एच .एन .बौद्ध ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया की अनागारिक धम्मपाल जी ने अपने जीवन के 40 वर्षों में भारत श्रीलंका और विश्व के कई देशों में बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार के अनन्य उपाय किए । इन्होंने भारत व श्रीलंका में 300 से अधिक स्कूल खोलें और बौद्ध धर्म की शिक्षाओं को विश्व में फैलाया है। इन्होंने 1891 में महाबोधि सोसाइटी की स्थापना की। यह अनागरिक धम्मपाल जी का ही प्रयास था कि कुशीनगर जहां भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ है फिर से बोद्ध जगत में दर्शनीय स्थल बना है।
बैठक का संचालन करते हुए संभागीय महासचिव घनश्याम बौद्ध ने बताया की अनागरिक धम्मपाल जी द्वारा शिकागो में संपन्न विश्व धर्म संसद जो 18 सितंबर 1893 में हुई थी, मैं बौद्ध दर्शन पर दिए गए भाषण से पूरी दुनिया के विभिन्न धर्मों के विद्वान भौंचक्के रह गए थे । उनके अथक प्रयासों से भारतीय बौद्ध स्थल दुनिया के सामने आए अतः ऐसे महापुरुष की जयंती आगामी 17 सितंबर को हम सब मिलकर हर्षोल्लास पूर्वक मनाएंगे ।
बैठक को राजस्थान बौद्ध महासंघ कोटा संभाग के पदाधिकारियों प्रवीण बोद्ध, बनवारीलाल बोद्ध, एन.आर .बोद्ध, कंचन बौद्ध तथा कलकत्ता निवासी शेखर मंडल ने संबोधित किया।
सभी प्राणियों के मंगल की कामना के साथ बैठक का समापन हुआ।
भवतु सब्ब मंगलं।
प्रेषक:-
डॉ. एच.एन.बौद्ध
प्रदेश उपाध्यक्ष,
राजस्थान बौद्ध महासंघ जयपुर
9079967561, 9460004375
प्रतिष्ठा में,
सादर प्रकाशनार्थ
सम्पादक महोदय,





