नागरिकों के द्वारा करअदा किया जाना जिम्मेदारी है तो सीएमओ की क्या जवाबदारी है= मुकेश अहिरवार पत्रकार नरसिंहगढ़



मूलचन्द मेधोनिया पत्रकार भोपाल
नरसिंहगढ़ ।जिला राजगढ़
शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह देगा
नगर पालिका में निवासरत जागरूक करदाता कृपया ध्यान दें
नागरिकों के दायित्व और नगरी निकाय की जिम्मेदारियां
*पोलीस कि आवाज न्युज नेटवर्क को मिली जाणकारी के नुसार
नगरपालिका अधिनियम 1961 के अंतर्गत नगर निकाय की सीमा में निवासरत नागरिकों के द्वारा पांच प्रकार के शुल्क दिए जाना अनिवार्य है
1,,भवन शुल्क
2 भूमि शुल्क
3 हॉट बाजार बैठक शुल्क
4 जल शुल्क
5 नगरनिकाय की शासकीय दुकाने पगड़ी पर दिए जाने के बाद हर महीना किराएया लिया जाता है यह भी शुल्क की श्रेणी में आता है
यह पांच प्रकार के शुल्क नगर के नागरिकों के द्वारा नगरी निकाय को अनिवार्य रूप से दिया जाता है किंतु नगरपालिका अधिनियम 1961 के अंतर्गत नगरीय निकाय अपनी सीमा में निवासरत नागरिकों को कितने प्रकार की सुख सुविधा उपलब्ध कराती है इस बिंदु पर विचार होना चाहिए
नगर निकायों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह नगर निकाय की सीमा में निवासरत अपने नागरिकों को कितने प्रकार की सुख सुविधाओं है उन सभी सुख-सुविधाओं से निकाय अपने नागरिकों को अवगत कराते हुए अपने स्वयं के नोटिस बोर्ड पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया एवं लिखित दस्तावेज के साथ उन सभी सुख-सुविधाओं से अपने नागरिकों को अवगत कराना चाहिए जिससे कि नागरिक यह स्वयं जान सके कि उनके द्वारा दिए गए शुल्क के बाद उन्हें कितने प्रकार की सुख सुविधाए उनकी नगरी निकाय उपलब्ध कराती है विचार मंथन योग्य है
नगर निकाय को किसी भी स्तर के कर्मचारियों की आवश्यकता होने पर संबंधित नगरी निकाय के वरिष्ठ कार्यालय और मध्य प्रदेश सरकार को नगरीय निकाय की सीमा में निवासरत नागरिक के द्वारा पांच प्रकार के शुल्क दाताओ या उनके बच्चों को ही प्राथमिकता के तौर पर कर्मचारी के रूप में भर्ती किया जाना चाहिए क्योंकि इन नौकरियों पर करदाता और करदाता के सगे संबंधियों का ही अधिकार है
विचार मंथन योग्य है
किंतु नगरी निकाय अपनी सीमा में निवासरत नागरिकों की भर्ती ना करते हुए नगरी निकाय की सीमा से बाहर के ग्रामीण क्षेत्र या अन्य शहरों से कर्मचारियों की भर्ती की जाती है यह नगर निकाय के करदाताओं के साथ एक छलावा और धोखा है
नगरी निकाय की सीमा में निवासरत नागरिकों के पास कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह नागरिक नगर निकाय के मूल नागरिक हैं
1,, आधार कार्ड,,2 वोटर कार्ड,,3 परिवार आईडी और राशन कार्ड,,4 बैंक पासबुक ड्राइविंग लाइसेंस,,5 नगरी निकाय विधानसभा और लोकसभा की मतदाता सूची में संबंधित व्यक्ति का नाम होना,,6 संबंधित नगर निकाय के संपत्ति कर शाखा के रजिस्टर मैं भवन और भूमि का संबंधित रजिस्टर के रिकॉर्ड में दर्ज होना इस बात का पक्का प्रमाण है कि वह इस नगर का नागरिक है और इससे भी महत्वपूर्ण दस्तावेज संपत्ति कर जमा किए जाने के पश्चात संबंधित शाखा प्रभारी के द्वारा संपत्ति कर जमा किए जाने के बाद रसीद दिए जाना यह इस बात की पुष्टि करता है कि आप संबंधित नगरी निकाय के मूल नागरिक हैं
नगरी निकाययो को मास्टर कर्मचारियों की भर्ती करने से पूर्व प्रत्येक आवेदन कर्ताओं से संबंधित थाने से चरित्र प्रमाण पत्र ,,आवेदन दिनांक से 3 साल पूर्व का राशन कार्ड आवेदन करता के किसी भी परिवार के किसी एक सदस्य के नाम से संपत्ति कर शाखा के रिकॉर्ड रजिस्टर में संपत्ति दर्ज होना चाहिए भर्ती से पूर्व इन सेवा शर्तों को अनिवार्य करना चाहिए
नगर पालिका अधिनियम 1961 कर्मचारी भर्ती धारा 95 का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करना चाहिए
आदरणीय नगर निकाय के जिम्मेदार वरिष्ठ समाजसेवी नागरिको सम्माननीय पत्रकारों को इन बिंदुओं पर संबंधित नगरी निकाय के com के समक्ष इस बात को नगर निकाय के करदाताओं नागरिकों के हित में रखना चाहिए क्योंकि यह सर्वजनिक और जनहित का मामला है।




