“मध्यप्रदेश में भी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग तेज हो गई है”

कौशलेन्द्र सिंह,ग्वालियर, मध्य प्रदेश
“उड़ीसा राज्य सरकार द्वारा कॉन्ट्रैक्ट एंपलॉयर्स को परमानेंट करने की सूचना के बाद मध्यप्रदेश में भी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की प्रदेश के शिक्षा विभाग, स्वास्थ विभाग, राज्य शिक्षा केन्द्र सहकारिता, पी.डब्ल्यू.डी, पी. एचई. जलसंसाधन विभाग, राजस्व, वन विभाग, कृषि विभाग पंचायत विभाग सहित प्रदेश विभिन्न निगम/ मण्डलों द्वारा संविदा कल्चर अपनाते हुए संविदा कर्मी नियुक्त कर उनसे न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन पर काम लिया जा रहा है।
संविदा कर्मचारियों को नियमितकरण के नाम पर समिति गठित कर आवश्वासन का झुनझुना पकडा दिया गया है, जिससे संविदा कर्मी अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। यह संविदा कर्मी लगभग 15 वर्षों से शासकीय कार्यालयों में सेवायें देते हुए महत्वूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर हैं किन्तु उनका वेतन लधु वेतन पाने वाले कर्मचारियों से भी कम है।
